जिला उपायुक्त कौन होता है: जानिए इस पद की महत्वपूर्ण जानकारी (Jila Upayukt Kaun Hota Hai)

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जिला उपायुक्त कौन होता है (Jila Upayukt Kaun Hota Hai) | उपायुक्त की भूमिका क्या होती है | डिप्टी कमिश्नर की भूमिकाएं क्या होती है | जिला मजिस्ट्रेट की भूमिकाएं क्या होती है | डिप्टी कस्टोडियन की भूमिकाएं क्या होती है | उपयुक्त कैसे बनते हैं | उपयुक्त बनने की पत्रताएं क्या है | उपायुक्त की सैलरी कितनी होती है | यूपीएससी की परीक्षा का पैटर्न क्या है |

आज की युवाओं की सबसे पहली पसंद सरकारी नौकरी होती है, यदि कोई युवा सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा है तो उसकी सबसे पहली पसंद यूपीएससी होती है, यूपीएससी की तैयारी करके लोग कलेक्टर, उपयुक्त आदि बन सकते हैं।

आप सभी ने उपायुक्त के बारे में अवश्य ही सुना होगा, यदि कोई विद्यार्थी आगे चलकर उपयुक्त बनने की सोच रहा है, तो इसके लिए उसके पास इससे जुड़ी पूरी जानकारी का होना आवश्यक है, तो यदि आप भी उपयुक्त के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो आपने बिल्कुल सही आर्टिकल का चयन किया है।

तो आज के इस आर्टिकल में हम जिला उपायुक्त कौन होता है के बारे में जानेंगे, साथ ही इससे जुड़ी कई अन्य बातों के बारे में भी जानेंगे, इसलिए आज के इस आर्टिकल को बड़े ही ध्यानपूर्वक पढ़ें और हमारे साथ अंत तक बन रहे।

जिला उपायुक्त कौन होता है: जानिए इस पद की महत्वपूर्ण जानकारी (Jila Upayukt Kaun Hota Hai)
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जिला उपयुक्त कौन होता है? (Jila Upayukt Kaun Hota Hai)

तो यदि बात की जाए जिला उपयुक्त के बारे में तो जिला उपयुक्त वह व्यक्ति होता है जो जिले में सामान्य प्रशासन का प्रभावी हो, एक उपयुक्त को ट्रिपल फंक्शंस करना होता है, क्योंकि वह एक बार में जिला मजिस्ट्रेट, कलेक्टर और उपयुक्त तीनों होता है।

उपयुक्त के रूप में वे जिले के कार्यकारी प्रमुख है जो विविध जिम्मेदारियां के साथ है, उपायुक्त संभागीय आयुक्त राज्य स्तर पर सचिव स्तर के अधिकारी को रिपोर्ट करते हैं, इसके साथ ही उपायुक्त विभिन्न अवसरों के आधार पर विभिन्न भूमिका निभाते हैं।

उपायुक्त विकास और लोगों के कल्यानो के लिए गतिविधियों का समन्वय करता है, जिले में सामान्य प्रशासन की सारी जिम्मेदारी उपायुक्त पर ही होती है।

तो अब हम उपायुक्त की भूमिका क्या होती है इसके बारे में जानते हैं।

उपायुक्त की भूमिका क्या होती है?

उपयुक्त पर प्रशासन की कई सारी जिम्मेदारियां होती हैं, मुख्य रूप से उपयुक्त की तीन भूमिकाएं होती है।

  • जिला अधिकारी (District Magistrate)
  • जिला कलेक्टर (District Collector)
  • उपायुक्त (Deputy Commissioner)

तो अब हम अलग-अलग क्षेत्र में रोज के कार्य करने के लिए उसे निम्नलिखित अधिकारियों द्वारा सहायता दी जाती है, इसके बारे में बात करेंगे।

  • सहायक आयुक्त (General Assistant Commissioner)
  • कार्यकारी मजिस्ट्रेट (Executive Magistrate)
  • जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी (District Development And Panchayat Officer)
  • नागरिक सुरक्षा अधिकारी (Civil Defence Officer)
  • अतिरिक्त उपायुक्त (Additional Deputy Commissioner)
  • सहायक आयुक्त (Grievances Assistant Commissioner)
  • जिला राजस्व अधिकारी (District Revenue Officer)
  • अप प्रभागीय मजिस्ट्रेट (Sub Divisional Magistrates)
  • शहरी सीमा अधिकारी (Urban Ceiling Officer)

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तो अब हम डिप्टी कमिश्नर की भूमिकाएं क्या होती है, इसके बारे में जानते हैं।

डिप्टी कमिश्नर की भूमिकाएं क्या होती है?

तो यदि बात करें डिप्टी कमिश्नर की भूमिकाओं की तो डिस्ट्रिक्ट कमिश्नर को कई तरह की भूमिकाओं को निभाना होता है, साथ ही उन पर कई तरह की जिम्मेदारियां भी होती हैं जिनका उन्हें निर्वहन करना होता है।

तो चलिए अब हम डिप्टी कमिश्नर की निम्नलिखित सभी भूमिकाओं के बारे में जानते हैं।

  • अपने जिले के लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव के लिए, उपायुक्त को रिटर्निग ऑफिसर के रूप में काम करना होता है।
  • उपायुक्त आवश्यक और दुर्लभ वस्तुओं आदि के वितरण को नियंत्रित करता है।
  • उपायुक्त की अहम भूमिका दशकीय जनगणना में भी होती है।
  • उपयुक्त जिले के सभी विभागों और नागरिक प्रशासन का कार्यकारी प्रमुख होता है।
  • उपयुक्त नगर पालिका समितियां के प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
  • उपयुक्त बाजार समितियों, पंचायत, जिला परिषदों, सामुदायिक विकास खंडो में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

तो अब हम जिला मजिस्ट्रेट की भूमिकाएं क्या होती है इसके बारे में जानते हैं।

जिला मजिस्ट्रेट की भूमिकाएं क्या होती है?

यदि बात करें जिला मजिस्ट्रेट की भूमिका की तो जिला मजिस्ट्रेट के रूप में उपयुक्त निम्नलिखित सभी भूमिकाओं का निर्वहन करते हैं।

  • जिला मजिस्ट्रेट का मुख्य कार्य जिले के कानून एवं व्यवस्था को बनाए रखना है।
  • जिले में लॉकडाउन लगाने का अधिकार जिला मजिस्ट्रेट के पास होता है इसके साथ ही जेलो के प्रशासन में भी जिला मजिस्ट्रेट के कई सारे अधिकार होते हैं।
  • जिला मजिस्ट्रेट का कार्य पुलिस को नियंत्रित और निर्देशित करना भी होता है।
  • जब एक उपायुक्त जिला मजिस्ट्रेट के रूप में अपनी भूमिका निभाता है तो वह आपराधिक प्रशासन का प्रमुख होता है।

तो अब हम डिप्टी कस्टोडियन की भूमिकाएं क्या होती है इसके बारे में जानते हैं।

डिप्टी कस्टोडियन की भूमिकाएं क्या होती है?

यदि बात करें डिप्टी कस्टोडियन की भूमिका की तो डिप्टी कमिश्नर जिला मजिस्ट्रेट और जिला कलेक्टर के साथ-साथ उपायुक्त की एक भूमिका उप संरक्षक की भी है, डिप्टी कस्टोडियन के रूप में उपयुक्त निम्नलिखित सभी भूमिकाओं को निभाते हैं।

  • डिप्टी कस्टोडियन भूमि का आवंटन, ग्रामीण क्षेत्रों में आवास कर सकते हैं।
  • डिप्टी कस्टोडियन शहरी क्षेत्र में मकानों और दुकानों का आवंटन कर सकते हैं।
  • डिप्टी कस्टोडियन निष्क्रांत संपत्ति से संबंधित प्रकरणों का निस्तारण कर सकते हैं।
  • डिप्टी कस्टोडियन तहसीलदार के आवेदनों को संशोधित कर सकते हैं।

तो अब हम उपायुक्त कैसे बनते इसके बारे में जानते हैं।

उपयुक्त कैसे बनते हैं?

यदि बात करें उपायुक्त की तो उपायुक्त बनने के लिए आपको सबसे पहले किसी मान्यता प्राप्त कॉलेज या यूनिवर्सिटी से अपनी स्नातक की डिग्री लेनी होगी, इसके बाद यूपीएससी या स्टेट पीएससी एग्जाम देना होगा, साथ ही इस एग्जाम में आपको अच्छे नंबरों से उत्तरणन होना भी आवश्यक है।

यदि इन एग्जाम में आप अच्छे अंकों से पास करते हैं तो आपको पुलिस डिपार्टमेंट में आईपीएस रैंक की जॉब दी जाती है।

ऐसा इसलिए क्योंकि उपायुक्त यानी की (Deputy Commissioner) की पोस्ट के लिए किसी भी प्रकार का कोई एग्जाम नहीं आयोजित किया जाता है और नहीं किसी प्रकार का कोई फॉर्म निकल जाता है, उपायुक्त यानी डिप्टी कमिश्नर की पोस्ट आपको प्रमोशन के द्वारा दी जाती है।

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यदि आप यूपीएससी का एग्जाम पास करके आईपीएस ऑफिसर बनते हैं तो उसके बाद आपको प्रमोशन दी जाती है और आप उपायुक्त बन जाते हैं।

इसके अलावा यदि आप राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सर्विस एग्जाम को पास करके डीएसपी के पद पर नौकरी करते हैं, तो उसके बाद उसे नौकरी में प्रोपोर्शन पा कर आप उपयुक्त अर्थात डीसीपी बना सकते हैं।

  • उपयुक्त की भर्ती के लिए आपको किसी भी प्रकार का कोई एग्जाम नहीं देना होता या कोई फॉर्म नहीं भरना होता है।
  • उपायुक्त अर्थात डिप्टी कमिश्नर प्रमोशन के द्वारा बन जाता है।
  • आईपीएस ऑफिसर बनने के बाद आप 6 से 7 साल तक आईएएस ऑफिसर के रूप में कार्य करते हैं, तो इसके बाद प्रमोशन द्वारा आपको उपयुक्त यानी डिप्टी कमिश्नर के पद पर नियुक्ति मिलती है।
  • इसके साथ ही यदि आप डीएसपी के पद पर 10 से 12 वर्ष तक की नौकरी करते हो तो फिर आपको प्रमोशन द्वारा उपयुक्त यानी डिप्टी कमिश्नर का पद प्रदान किया जाता है।

तो अब हम उपायुक्त बनने की पत्रताएं क्या है इसके बारे में जानेंगे।

उपयुक्त बनने की पत्रताएं क्या है?

उपयुक्त बनने के लिए आप आपके अंदर कई सारी योग्यताओं का होना आवश्यक है, इसके साथ ही उपयुक्त बनने के लिए आपके अंदर शैक्षणिक योग्यताएं भी होनी बहुत जरूरी है।

शैक्षणिक पत्रताएं

  • जो भी उम्मीदवार आगे चलकर उपायुक्त बनना चाहता है, उसे उसके लिए किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से अपनी पसंद की स्ट्रीम में 12वीं कक्षा पास करनी आवश्यक है।
  • इसके साथ ही उम्मीदवार को उपायुक्त बनने के लिए किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से अपने स्नातक उत्तीर्ण करना भी आवश्यक है।

अन्य पत्रताएं

  • पुरुष में उम्मीदवारों की हाइट 165 cm और छाती 85 cm होनी आवश्यक है।
  • महिला में उम्मीदवारों की हाइट 155 cm होनी आवश्यक है।
  • उम्मीदवार के पास उसकी स्नातक की डिग्री होनी आवश्यक है।
  • उम्मीदवार को संघ लोक सेवा आयोग यानी यूपीएससी सिविल सर्विसेज एग्जाम उत्तरण करके, आईपीएस कर्मचारियों के रूप में उसे पद पर कार्य करता होना चाहिए।
  • इसके अलावा उपयुक्त बनने के लिए उम्मीदवार को राज्य लोक सेवा आयोग यानी की पीएससी द्वारा आयोजित सिविल सर्विस एक्जाम उतरें करके डीएसपी की पद पर कार्य करता हुआ होना चाहिए।

तो अब हम उपयुक्त की सैलरी कितनी होती है इसके बारे में जानते हैं।

उपायुक्त की सैलरी कितनी होती है?

यदि बात की जाए उपायुक्त की सैलरी की तो 37400 से 67000 रुपए तक की सैलरी प्रतिमाह उन्हें दी जाती है, इसके अलावा ग्रेड पे के रूप में 5400 प्रतिमा भी दिया जाता है।

एक उपयुक्त यानी डिप्टी कमिश्नर को वेतन के अलावा अन्य भत्ते भी प्रदान किए जाते हैं, जैसे की आवास भत्ते, यात्रा भत्ते, महंगाई भत्ते और रिटायरमेंट भत्ते होने पर पेंशन भी मिलता है।

तो अब हम यूपीएससी की परीक्षा का पैटर्न क्या है इसके बारे में जानते हैं।

यूपीएससी की परीक्षा का पैटर्न क्या है?

तो यदि बात की जाए यूपीएससी की परीक्षा की तो जो भी उम्मीदवार यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं।

उन सभी को ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई पूरी करनी आवश्यक है, वह बीए, बीएससी या बीकॉम किसी भी स्ट्रीम में अपनी सनातनी की डिग्री पूरी कर सकते हैं।

संघ लोक सेवा आयोग यानी की यूपीएससी सिविल सर्विसेज एक्जाम को तीन चरण में आयोजित करता है, जिस्म की पहला चरण प्रीलिम्स का, दूसरा चरण मेंन्स का और अंतिम चरण इंटरव्यू का होता है।

प्रीलिम्स

यूपीएससी में सबसे प्रथम चरण में प्रिलिम्स की परीक्षा आयोजित की जाती है, इसमें कुल दो पेपर होते हैं, दोनों ही पेपर में ऑब्जेक्टिव टाइप प्रश्न पूछे जाते हैं, जिसमें की चार विकल्प में से हमें एक सही विकल्प का चयन करना होता है।

इसके साथ ही दोनों ही पेपर में 200-200 अंकों के प्रश्न पूछे जाते हैं। साथ ही साथ प्रीलिम्स का पेपर क्वालीफाइंग होता है, इसके अंक मेरिट में नहीं जोड़े जाते हैं।

मेंन्स

प्रीलिम्स परीक्षा के बाद दूसरा चरण में मेंन्स की परीक्षा होती है, इस परीक्षा में केवल वही उम्मीदवार शामिल होते हैं, जिन्होंने प्रिलिम्स की परीक्षा पास की होती है।

इस परीक्षा के कुल 9 पेपर होते हैं, जिसमें से दो पेपर क्वालीफाइंग पेपर होते हैं, जो कि कुल 300-300 अंकों के होते हैं, इसके साथ ही इन दोनों क्वालीफाइंग पेपर के भी अंक मेरिट में नहीं जोड़े जाते हैं।

इसके साथ ही अन्य 7 पेपरों में कुल 250-250 अंकों के प्रश्न पूछे जाते हैं, मेन्स के पेपरों में कुल 1750 अंकों की परीक्षा होती है, इन सातों फेफड़ों के अंक मेरिट में जुड़ते हैं, मेंन्स परीक्षा बहुत ही कठिन होती है, ऐसा इसलिए है क्योंकि इसमें दीर्घ उत्तरीय प्रश्न पूछे जाते हैं, सभी प्रश्नों का उत्तर आपको अपने शब्दों में लिखना होता है।

इंटरव्यू

जो भी उम्मीदवार मेन्स की परीक्षा अच्छे नंबरों से पास करते हैं, केवल वह ही यूपीएससी की परीक्षा के अंतिम चरण यानी कि इंटरव्यू के लिए योग्य होते हैं। इस इंटरव्यू में केवल उन्हीं उम्मीदवारों को बुलाया जाता है जिन्होंने प्रीलिम्स और मांस में बहुत ही अच्छा प्रदर्शन दिया हो, इस इंटरव्यू के माध्यम से उम्मीदवार की व्यक्तिगत जांच यानी की पर्सनैलिटी और इंटेलिजेंस टेस्ट होता है, इसके जरिए ज्ञान के अलावा व्यवहार आदि की भी जांच की जाती है।

FAQs | जिला उपायुक्त कौन होता है?

#1. भारत के उपायुक्त कौन है?

उपायुक्त अर्थात डिप्टी कमिश्नर जिला कलेक्टर के रूप में मुख्य राजस्व अधिकारी और अन्य सरकारी संग्रह और राजस्व के लिए के लिए जिम्मेदार है।

इसके साथ ही वे बेमौसम बारिश, सूखा, आग, बाढ़ और ओलावृष्टि आदि जैसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटते हैं।

#2. डीएम और कलेक्टर में बड़ा कौन है?

यदि बात की जाए डीएम और कलेक्टर में से सर्वश्रेष्ठ पद की तो जिला मजिस्ट्रेट को सौंपी गई जिम्मेदारी राज्यों के हिसाब से अलग-अलग होती हैं, डीसी यानी जिला कलेक्टर जिले में राजस्व प्रशासन का सबसे बड़ा अधिकारी होता है।

साथ ही सरकार जिला कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट दोनों का ही एक स्थान से दूसरे स्थान पर ट्रांसफर करती रहती है।

#3.जिला कलेक्टर से बड़ा कौन होता है?

यदि बात की जाए जिला कलेक्टर से बड़े पद की तो डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट का पद जिला कलेक्टर से बड़ा होता है।

सरकार डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट को किसी एक जिले की जिम्मेदारी सौंपती है। साथ ही डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट की अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग कार्य और शक्तियां होती हैं।

#4. कलेक्टर को सस्पेंड कौन कर सकता है?

यदि बात करें की कलेक्टर को सस्पेंड करने की तो कलेक्टर को केवल राष्ट्रपति ही सस्पेंड कर सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि एक कलेक्टर की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा ही की जाती है। सरकार उसको भारतीय गजट में अधिसूचित करती है, इसलिए ये अधिकारी गजेटेड अधिकारी भी कहलाते हैं।

#5. जिला कलेक्टर की 1 महीने की सैलरी कितनी होती है?

यदि बात करें जिला कलेक्टर के 1 महीने की सैलरी की तो जिला कलेक्टर के 1 महीने की शुरुआती सैलरी 56,100 रुपये ता की होती है, इसके साथ ही धीरे-धीरे अनुभव के साथ आपकी सैलरी 2,50,000 रुपये प्रति माह तक की हो सकती है।

निष्कर्ष | जिला उपायुक्त कौन होता है?

आज के इस आर्टिकल में हमने जिला उपायुक्त कौन होता है, इसके बारे में जाना, इसके साथ ही इससे जुड़ी कई अन्य बातों के बारे में भी जाना, साथ ही हमने उपायुक्त की भूमिका क्या होती है।

इसके बारे में भी बात की और डिप्टी कमिश्नर की भूमिकाएं क्या होती है, जिला मजिस्ट्रेट की भूमिकाएं क्या होती है, डिप्टी कस्टोडियन की भूमिकाएं क्या होती है इसके बारे में भी चर्चा की।

उसके बाद हमने जाना उपयुक्त कैसे बनते हैं, इसकी पत्रताएं क्या है, इसकी सैलरी क्या है आदि चीजों के बारे में, साथी हमने यूपीएससी की परीक्षा का पैटर्न क्या है?

इसके बारे में भी चर्चा की, उम्मीद है आज का यह आर्टिकल आपको पसंद आया होगा, यदि इस आर्टिकल से संबंधित आपके मन में कोई प्रश्न है तो आप हमें नीचे कमेंट बॉक्स में लिखकर बता सकते हैं।

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