मुख्य विकास अधिकारी का क्या काम है | मुख्य विकास अधिकारी के कार्य (Mukhya Vikas Adhikari Ka Kya Kam Hai)

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मुख्य विकास अधिकारी का क्या काम है?, मुख्य विकास अधिकारी की शक्तियां क्या होती है?, मुख्य विकास अधिकारी की सैलरी क्या होती है?, मुख्य विकास अधिकारी की पत्रताएं क्या होती है?

मुख्य विकास अधिकारी की आयु कितनी होती है?, एक जिले में विकास अधिकारी की संख्या कितनी होती है?, सीडीओ ऑफिसर कैसे बने?, सीडीओ का फुल फॉर्म?, मुख्य विकास अधिकारी कौन होता है? मुख्य विकास अधिकारी 2023 आदि जैसे सभी प्रश्नों के जवाब आज के इस आर्टिकल में है।

देश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में ऐसे कई तरह के प्रशासनिक ऑफिसर्स होते हैं जो की अपने पद पर सरकारी नौकरी करते हैं।

इसके अंतर्गत क्षेत्र के विकास की भी कई सारी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां उन पर होती हैं। तो भारत के मुख्य विकास अधिकारी के कई सारे कार्य होते हैं, जिनके बारे में हमें जानकारी होनी चाहिए। कई बार इनसे संबंधित कुछ प्रश्न हमारी परीक्षा में भी पूछे जाते हैं, इसलिए आपका इनके बारे में और इनके कार्यों के बारे में जानना आवश्यक है।

तो आज के इस आर्टिकल में हम मुख्य विकास अधिकारी का क्या काम है, इसके बारे में बात करेंगे। इसलिए इस आर्टिकल में दी गई जानकारी को बड़े ही ध्यान पूर्वक पढ़ें और हमारे साथ अंत तक बन रहे।

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मुख्य विकास अधिकारी कौन होता है?

यदि बात करें मुख्य विकास अधिकारी के बारे में तो यह एक प्रकार का उच्च श्रेणी का कार्यकारी प्रशासनिक पद पर कार्य कर रहा कर्मचारी होता है, जिसकी नियुक्ति देश में राज्यों के ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के आधार पर की जाती है, सीडीओ को जिला स्तर पर जिला स्तर पर कुछ कार्यभार सौंप जाते हैं।

यह कार्य भार ग्रामीण और शहरी इलाकों के विकास से संबंधित होते हैं, किसी भी जिले का मुख्य विकास अधिकारी जिले के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के अधीन कार्य करता है।

सीडीओ जिला परिषद की प्रशासन प्रणाली का प्रमुख होता है, भारत में तकरीबन 600 जिले हैं और जिलों को ग्रामीण और शहरी इलाकों में बांटा गया है।

सरकार ने प्रत्येक जिले और खंड स्तर पर अलग-अलग विकास अधिकारी को नियुक्त किया है, समानता जिला स्तर पर दो विकास अधिकारी को नियुक्त किया जाता है।

मुख्य विकास अधिकारी का क्या काम है | मुख्य विकास अधिकारी के कार्य (Mukhya Vikas Adhikari Ka Kya Kam Hai)

मुख्य विकास अधिकारी का क्या काम है? (Mukhya Vikas Adhikari Ka Kya Kam Hai)

तो यदि मुख्य विकास अधिकारी के कार्य की बात करें, तो मुख्य विकास अधिकारी के कार्य को आप इसके नाम से ही जा सकते हैं।

हालांकि इसके काम में अन्य बहुत सी चीज आती हैं, जिनका वर्णन हमने निम्नलिखित रूप से किया है, तो चलिए जानते हैं मुख्य विकास अधिकारी का क्या काम है।

  • मुख्य विकास अधिकारी अर्थात सीडीओ का मुख्य कार्य अपने जिला के अंतर्गत आने वाले गांव, शहर, कस्बे तहसील आदि के निर्माण के कार्य को देखना और उसका संचालन ठीक रूप से करवाना।
  • जनता के विकास के लिए सरकार से नई-नई योजनाओं का प्रबंध करना होता है।
  • भारत सरकार व राज्य सरकार के द्वारा बनाई गई जन कल्याणकारी योजनाओं को आम नागरिकों तक पहुंचाना और यह सुनिश्चित करना कि उसका क्रियान्वयन ठीक प्रकार से हो रहा है या नहीं।
  • वार्षिक परियोजनाओं को डाटा वाइस तैयार करना और ऊपर रिपोर्ट करना होता है।
  • ब्लॉक विकास अधिकारी को निर्देश देना और उसके कार्यों पर उसे बताना कि यह काम सही तरीके से हुआ है या नहीं।
  • खंड अस्तर पर कृषि और उद्योग हेतु नागरिकों को सहायता प्रदान करना।
  • जिले के कलेक्टर, सांसद, विधायक इन सभी को अपने द्वारा करवाए जा रहे हैं विकास के कार्यों की सूची देना।
  • अपने प्रखंड स्तर पर परिवहन व्यवस्था को सुलभ बनाना।
  • गरीब और जरूरतमंद लोगों को आर्थिक रूप से सहायता प्रदान करना और उनके रहन-सहन, खेती आदि का प्रबंध करना।
  • जिले के विकास में हो रही अनियमितताओं का ध्यान रखना और विकास कार्यों का पूर्ण रूप से संचालन करना।
  • नागरिकों के स्वास्थ्य की देखभाल और अपने क्षेत्र में अस्पतालों की पूर्ण रूप से व्यवस्था करना।
  • गांव के सहायक और सचिव आदि जनों को निर्देश देना।
  • यदि जिले के निर्माण के कार्य में किसी भी प्रकार का कोई भ्रष्टाचार हो रहा हो तो उससे संबंधित अधिकारी या व्यक्ति के के विरुद्ध कार्यवाही करवाना और उन्हें दंडित करवाना।

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तो अब हम जानते हैं मुख्य विकास अधिकारी की शक्तियों के बारे में,

मुख्य विकास अधिकारी की शक्तियां क्या होती है?

मुख्य विकास अधिकारी एक एक वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी होता है, मुख्य विकास अधिकारी की शक्तियां उद्योग के आधार पर और संगठनात्मक संरचना पर निर्भर करती है।

हालांकि सामान्य तौर पर देखा जाए तो वह उत्तर से संबंधित क्षेत्र में महत्वपूर्ण निर्णय लेने की शक्ति रखते हैं। तो चलिए अब हम मुख्य विकास अधिकारी की प्रमुख शक्तियां और जिम्मेदारियां को देखते हैं।

डाटा आर्किटेक्चर:

संगठन के देटा की जरूरत का समर्थन करने के लिए आवश्यक तकनीकी ढांचे और आधारभूत को प्रभावित करना।

डाटा गोपनीयता और सुरक्षा:

प्रासंगिक विनियमों का अनुपालन सुरक्षित करना और अनधिकृत पहुंच, चोरी या नुकसान से संगठन के डेटा की सुरक्षा करना।

डाटा रणनीति:

संगठन के लक्षण और उद्देश्यों के साथ रेखांकित एक व्यापक डाटा रणनीति का विकास और कार्यावयन।

सहयोग और संचार:

डाटा संचालित संस्कृति को बढ़ावा देने और संगठन में नवाचार चलाने के लिए अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर काम करना।

डेटा गवर्नेंस:

डाटा के उचित प्रबंध, सुरक्षा और गुणवंता को सुनिश्चित करने के लिए नीतियों, प्रक्रियाओं और मानव को स्थापित करना और लागू करना होता है।

तो चलिए अब हम मुख्य विकास अधिकारी की सैलरी के बारे में जानते हैं।

मुख्य विकास अधिकारी की सैलरी कितनी है?

यदि मुख्य विकास अधिकारी की सैलरी की बात करें, तो मुख्य विकास अधिकारी की सैलरी उसके जिले या राज्य पर निर्भर करती है। सभी मुख्य विकास अधिकारी की सैलरी उसके राज्य के अनुसार और उसकी स्थिति को ध्यान में रखते हुए दी जाती है।

इसके साथ ही अधिकारियों की सैलरी भी भिन्न-भिन्न प्रकार की होती है, सामान्य रूप से यदि एक सीडीओ की सैलरी की बात करें, तो वह ₹35000 से लेकर ₹70000 के बीच में होती है, इसके अलावा उसे सरकारी आवास व अन्य भत्ते भी दिए जाते हैं।

इसमें पानी का बिल, मोबाइल का बिल, बिजली का बिल, इंटरनेट का बिल, पेट्रोल का बिल आदि आते हैं। इस प्रकार से एक सीडीओ महीने का लगभग ₹100000 कमाता है। तो अब हम मुख्य विकास अधिकारी की पत्रताओं के बारे में जानते हैं।

मुख्य विकास अधिकारी की पत्रताएं क्या होती है?

यदि बात की जाए मुख्य विकास अधिकारी बनने के लिए आप में होने वाले पात्रताओं की तो कुछ पत्रताएं निम्नलिखित है।

  • सीडीओ ऑफीसर बनने के लिए उम्मीदवार को किसी यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन की डिग्री लेनी होगी।
  • यदि आप ग्रेजुएशन के अंतिम वर्ष के छात्र हैं तो भी आप सीडीओ का एग्जाम दे सकते हैं।
  • ग्रेजुएशन में मैं उम्मीदवार को कम से कम 50% अंकों से पास होना अनिवार्य है।

तो अब हम मुख्य विकास अधिकारी की आयु सीमा के बारे में जानते हैं।

मुख्य विकास अधिकारी की आयु क्या होती है?

यदि बात की जाए मुख्य विकास अधिकारी की आयु की तो इसके लिए आपकी न्यूनतम आयु 21 वर्ष निर्धारित की गई है। इसके साथ ही आपकी अधिकतम आयु 30 वर्ष निर्धारित की गई है। हालांकि आरक्षित वर्गों के उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु सीमा में 2 से 5 सालों की छूट दी गई है।

No.CategoryMinimum ageMaximum age
01.General21 years40 years
02.OBC21 years45 years
03.SC/ST21 years45 years
04.Disable21 years55 years

तो अब हम एक जिले में विकास अधिकारियों की संख्या के बारे में जानते हैं।

एक जिले में विकास अधिकारी की संख्या कितनी होती है?

एक जिले में विकास अधिकारियों की संख्या कई सारी होती है, जो कि आगे निम्नलिखित है।

  • सीडीओ (CDO)
  • वीडियो (VDO)
  • बी.डी.ओ (BDO)
  • डीडीओ (DDO)

सीडीओ (CDO):

एक सीडीओ को वरिष्ठ अधिकारी की श्रेणी में रखा जाता है। इस पद के लिए उम्मीदवार अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी होने के बाद आवेदन कर सकता है। यह पद मुख्य विकास अधिकारी का पद हैं जो की जिले के विकास अधिकारियों में सबसे ऊपर होता है।

वीडियो (VDO):

वीडियो का मतलब Village Development Officer है, इसे हम हिंदी में ग्राम विकास अधिकारी के नाम से जानते हैं। एक ग्राम विकास अधिकारी ग्राम पंचायत में केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा चलाई गई परियोजनाओं को सुचारू तरीके से संचालित करता है।

बी.डी.ओ (BDO):

बी.डी.ओ का मतलब Block Development Officer है। इसे हम हिंदी में खंड विकास अधिकारी के नाम से जानते हैं। एक खंड विकास अधिकारी का काम खंड स्तर पर सरकारी कार्यों को लागू करना होता है। उम्मीदवारों को इस पद पर आवेदन करने के लिए पहले अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करनी होती है।

डीडीओ (DDO):

डीडीओ का फुल फॉर्म District Development Officer है। इसे हम हिंदी में जिला विकास अधिकारी के नाम से जानते हैं। जिला विकास अधिकारी की या जिम्मेदारी होती है कि वह सरकारी परियोजनाओं को प्रस्तावित करे। इसके साथ ही उसकी याद जिम्मेदारी भी होती है कि वह सरकारी कार्यों को लागू करवाए।

तो अब हम जानते हैं कि सीडीओ ऑफिसर कैसे बन सकते हैं।

सीडीओ ऑफिसर कैसे बने?

तो यदि बात की जाए सीडीओ यानी मुख्य विकास अधिकारी बनने की तो इसके लिए उम्मीदवार को लोक सेवा आयोग द्वारा संचालित कि जाने वाली परीक्षा के लिए आवेदन करना होगा।

इस परीक्षा में आप तभी आवेदन कर सकते हैं जब आपकी ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी हो चुकी हो। इसके साथ ही उम्मीदवार को निर्धारित शैक्षणिक योग्यता के आधार पर शिक्षित होना अनिवार्य है। इस परीक्षा के तीन चरणों में आयोजित करवाया जाता है।

  • प्रारंभिक परीक्षा (Preliminary Exam)
  • मुख्य परीक्षा (Main Exam)
  • साक्षात्कार (Interview)

प्रारंभिक परीक्षा (Preliminary Exam):

सीडीओ के पद के लिए हमें सबसे पहले प्रारंभिक परीक्षा पास करनी होती है, जिसमें आपको सामान्य ज्ञान (GK), विज्ञान (Science), भारतीय संस्कृति (Indian Culture), रीजनिंग (Reasoning), भूगोल (Geography), भारतीय इतिहास (Indian History) से संबंधित सवाल पूछे जाते हैं।

हालांकि यह सभी सवाल आपको objective type pattern में पूछे जाते हैं।

मुख्य परीक्षा (Main Exam):

यह परीक्षा का दूसरा चरण होती है। Main Exam में आपको सीडीओ हमको की है एग्जाम देना होता है।

मुख्य परीक्षा में आपसे हिंदी (Hindi), अंग्रेजी (English) और भारतीय सामान्य ज्ञान (Indian GK) से प्रश्न पूछे जाते हैं।

साक्षात्कार (Interview):

जो भी उम्मीदवार मुख्य परीक्षा पास कर लेते हैं, केवल उन्हें ही आखिरी चरण यानी कि साक्षात्कार में शामिल किया जाता है।

इस चरण में योग्यता के आधार पर साक्षात्कार लिया जाता है। साक्षात्कार में पैनल द्वारा उम्मीदवार से सवाल पूछे जाते हैं और साक्षात्कार क्लियर होने के बाद आगे उम्मीदवार का चयन सीधे CDO Officer के पद पर किया जाता है।

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तो अब हम सीडीओ के फुल फॉर्म के बारे में जानते हैं।

सीडीओ का फुल फॉर्म?

यदि बात करें सीडीओ के फुल फॉर्म के बारे में तो इसका फुल फॉर्म Chief Development Officer होता है।

किसी भी जिले का Chief Development Officer, जिले के विकास मंत्रालय द्वारा एक सरकारी उच्च पद होता है।

सीडीओ को हिंदी में हम मुख्य विकास अधिकारी के नाम से जानते हैं, जिले में मुख्य विकास अधिकारी को नियुक्त करने का उद्देश्य सरकारी परियोजनाओं को खंड स्तर पर लागू करना होता है। यदि हम सीडीओ के अन्य फुल फॉर्म की बात करें, तो इसके कई अन्य फुल फॉर्म्स भी हैं।

सीडीओ के अन्य फुल फॉर्म:

  • Command Duty Officer (कमांड ड्यूटी ऑफिसर)
  • Civilian Detention Officer (नागरिक निरोध अधिकार)
  • Collateralized Debt Obligations (जमानती ऋण दायित्व)
  • Credit Default Option (क्रेडिट डिफॉल्ट विकल्प)
  • Conducts And Discipline Officer (आचरण और अनुशासन अधिकार)

तो अब हम मुख्य विकास अधिकारी के बारे में जानते हैं।

FAQs – मुख्य विकास अधिकारी से संबंधित प्रश्न

यदि आप मुख्य विकास अधिकारी से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों को जानने मैं इच्छुक है, तो हमारे द्वारा दिए जाने वाले महत्वपूर्ण प्रश्नों को अवश्य पढ़ें।

#1: मुख्य विकास अधिकारी का क्या कार्य होता है?

मुख्य विकास अधिकारी का कार्य जिला में विकास गतिविधियों के लिए प्रभारी है, विभिन्न विभागों में जिला स्तर पर विभागीय अधिकारी होते हैं‌।

#2: सीडीओ का काम क्या होता है?

CDO का फुल फॉर्म Chief Development Officer होता है, इनका काम जिले स्तर पर विकास का कार्य करना होता है।

#3: सीडीओ कौन बनता है?

सीडीओ वही बनता है जो उच्च योगी व्यक्ति होता है, जो व्यक्ति कुशल निर्णय लेने के माध्यम से अपना संगठन के नेतृत्व करने में सक्षम होता है।

#4: मुख्य विकास अधिकारी की सैलरी कितनी होती है?

यूपीएसएसएससी वीडीओ की सैलरी की बात करें तो 5,200/- रुपये से 20,200/- रुपये के साथ-साथ 2,000/- रुपये ग्रेड पे है।

निष्कर्ष | मुख्य विकास अधिकारी का क्या काम है?

आज के इस आर्टिकल में हमने मुख्य विकास अधिकारी के कार्यों के बारे में जाना, इसके साथ ही इससे जुड़ी कहीं अन्य बातों के बारे में भी हमने जाना और हमने मुख्य विकास अधिकारी के कार्यों के साथ-साथ, इसकी शक्तियों के बारे में भी जाना है।

इसके साथ ही हमने मुख्य विकास अधिकारी की सैलरी के बारे में बात की, साथ ही साथ हमने इसकी पत्रताओं और आयु के बारे में जाना और इसके साथ ही हमने जिले के विकास अधिकारियों की संख्या भी जानी।

इन सब के अलावा हमने यह भी जाना की मुख्य जिला अधिकारी का फुल फॉर्म क्या होता है और मुख्य जिला अधिकारी कौन होता है। आशा है कि आज का यह आर्टिकल आपको पसंद आया होगा।

यदि आज के इस आर्टिकल से संबंधित आपके मन में कोई प्रश्न है, तो आप हमें नीचे कमेंट बॉक्स में लिखकर बता सकते हैं।

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