प्रिंसिपल बनने के लिए क्या करना चाहिए? (Principal Banne Ke Liye Kya Karna Chahiye)

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प्रिंसिपल बनने के लिए क्या करना चाहिए? | Principal Banne Ke Liye Kya Karna Chahiye | प्रिंसिपल कौन होता है | प्रिंसिपल की सैलरी कितनी होती है

भारत में टीचर की नौकरी को बहुत अच्छा नौकरी माना जाता है, क्योंकि सभी लोग अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देना चाहते हैं और शिक्षा देने के लिए टीचर का होना बहुत ही आवश्यक है, इसीलिए अन्य विभागों की अपेक्षा शिक्षा विभाग में भर्ती भी अधिक निकलती है।

टीचर बनने की प्रक्रिया के बारे में तो सभी छात्रों को जानकारी होती है, लेकिन कुछ छात्र ऐसे भी होते हैं, जो सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल बनना चाहते हैं अथवा किसी प्राइवेट स्कूल में प्रिंसिपल बनकर अच्छी सैलरी प्राप्त करना चाहते हैं, लेकिन इसके बारे में उन्हें सही जानकारी नहीं मिल पाती है।

तो आज इस आर्टिकल में हम आपको प्रिंसिपल बनने के लिए क्या करना चाहिए तथा डिग्री कॉलेज में प्रिंसिपल बनने के लिए आपके पास कितनी योग्यता होनी चाहिए, (How to become a principal in Degree College) इन सभी विषयों के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।

तो आइए अब इस आर्टिकल की शुरुआत करते हैं और सबसे पहले जानते हैं, कि प्रिंसिपल कौन होता है और उसके अंतर्गत कौन से कार्य आते हैं।

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प्रिंसिपल कौन होता है? (Principal Kaun Hota Hai)

प्रिंसिपल उस व्यक्ति को कहते हैं, जो स्कूल अथवा कॉलेज के कामों का संचालन करता है तथा सभी अध्यापकों के साथ मिलकर शैक्षिक कार्यक्रमों की योजना बनाता है, जिससे समय पर सभी छात्रों का कोर्स पूरा हो सके।

इसके अतिरिक्त प्रिंसिपल अभिभावकों के साथ बातचीत करके उनके बच्चे की रिपोर्ट उनको देते हैं तथा आवश्यकता पड़ने पर अभिभावकों को सलाह भी देते है, जिससे अभिवाहक अपने बच्चों को अनुशासन में रख सकते हैं।

प्रिंसिपल अपने विद्यालय में काम कर रहे अध्यापकों का भी मार्गदर्शन करते हैं, जिससे वह छात्रों को बेहतर ढंग से शिक्षा दे सकें और उनकी उन्नति के लिए अच्छे तरीके से काम कर सकें।

प्रिंसिपल बनने के लिए क्या करना चाहिए? (Principal Banne Ke Liye Kya Karna Chahiye)

प्रिंसिपल बनने के लिए क्या करना चाहिए?

प्रिंसिपल एक बहुत ही सम्मानित पद होता है, जिसको प्राप्त करने की इच्छा बहुत सारे छात्रों की होती है, लेकिन सही मार्गदर्शन नहीं मिलने के कारण सभी छात्र सफल नहीं हो पाते हैं।

इसीलिए आपको प्रिंसिपल बनने के लिए नीचे दिए गए स्टेप को फॉलो करना चाहिए।

#1. B.Ed की डिग्री प्राप्त करें

प्रिंसिपल बनने के लिए आपको B.Ed की डिग्री की आवश्यक होती है, क्योंकि B.Ed करने के पश्चात आप राज्य सरकार द्वारा आयोजित टेट परीक्षा अथवा सुपर टेट की परीक्षा दे सकते हैं और टीचर बन सकते हैं, इसके अतिरिक्त यदि आप डीएड (Diploma in Education) करते हैं, तो आप प्राइमरी स्कूल में प्रिंसिपल बनने के योग्य हो सकते हैं।

#2. शिक्षक बनकर अनुभव प्राप्त करें

यदि आप 5 से 10 साल तक शिक्षक के पद पर रहकर अनुभव प्राप्त कर लेते हैं, तो उसके पश्चात आप प्रिंसिपल के पद के लिए आवेदन कर सकते हैं और इतने साल में आप अपने विद्यालय में मौजूद प्रधानाचार्य को देखकर उनसे सीख ले सकते हैं और उनके अनुभव का इस्तेमाल कर सकते हैं।

#3. एक लीडर के रूप में काम करें

जब आप एक शिक्षक के पद पर रहते हैं, तो आपको शिक्षा से जुड़े हुए मुद्दों को समझने का प्रयास करना चाहिए और उनको सुलझाने के लिए आपको सलाह देनी चाहिए, जिससे आप एक लीडर के रूप में खुद की पहचान बना सकते हैं और सभी लोगों को अपने कार्य शैली से आकर्षित कर सकते हैं।

Also Read: प्राइमरी टीचर बनने के लिए क्या करें? (Primary Teacher Kaise Bane)

#4. एक अच्छे नेटवर्क का निर्माण करें

प्रिंसिपल बनने के लिए आपको एक अच्छे नेटवर्क का निर्माण करना चाहिए और जो लोग पहले से ही शिक्षा के क्षेत्र में अनुभव प्राप्त कर चुके हैं, आपको उनके साथ बातचीत करनी चाहिए, जिससे आपको अन्य लोगों की अपेक्षा अधिक मौके मिल सकते हैं।

#5. शिक्षा के क्षेत्र में अपना योगदान दें

शिक्षक के पद पर रहते हुए आपको अधिक से अधिक कार्यक्रमों तथा सेमिनार में भाग लेना चाहिए और लोगों को प्रोत्साहित करना चाहिए, जिससे आप अधिक लोगों तक अपनी पहचान बना सकते हैं और यदि आप उन लोगों को अपनी बातों से प्रभावित कर देते हैं, तो वह लोग आपको प्रिंसिपल बनाने की सिफारिश कर सकते हैं।

डिग्री कॉलेज में प्रिंसिपल बनने के लिए कितनी योग्यता होनी चाहिए?

यदि आप डिग्री कॉलेज में प्रिंसिपल बनना चाहते हैं, तो आपको नीचे बताई गई योग्यताओं को ध्यान में रखना होगा।

#1. P.H.D की डिग्री हासिल करें

डिग्री कॉलेज में प्रिंसिपल बनने के लिए आपको उच्चतम डिग्री की आवश्यकता होती है, इसीलिए आपको पीएचडी की डिग्री हासिल करनी चाहिए, यदि आप ऐसा करते हैं, तो आपके प्रिंसिपल बनने की संभावना बहुत अधिक बढ़ जाती है।

#2. शिक्षा के क्षेत्र में काम करने का अनुभव

प्रिंसिपल बनने के लिए आपको शिक्षा के क्षेत्र में काम करने का अनुभव होना चाहिए, क्योंकि प्रिंसिपल का काम पूरे स्कूल को मैनेज करना होता है, इसीलिए जब आप पहले से ही शिक्षा के क्षेत्र में काम कर चुके होंगे, तो आप किसी भी कठिन परिस्थितियों में एक बेहतर निर्णय ले पाएंगे।

#3. एक बेहतर निर्णय लेने की क्षमता

प्रिंसिपल बनने के लिए सबसे महत्वपूर्ण काम होता है, कि आपके अंदर किसी भी परिस्थिति में एक बेहतर निर्णय लेने की क्षमता होनी चाहिए, क्योंकि प्रिंसिपल का कार्य करते समय बहुत बार ऐसी परिस्थिति भी आ सकती है, जब आपको कठिन निर्णय लेने की आवश्यकता पड़ सकती है।

ऐसे स्थिति में आपको बिना अपने पद का लोभ किए हुए पूरी ईमानदारी के साथ निर्णय लेना होगा, जिससे आपके स्कूल अथवा कॉलेज की गरिमा बनी रहे।

#4. बेहतर संवाद करने की क्षमता

जब आप प्रिंसिपल के पद पर होते हैं, तो आपको अपने अध्यापकों के साथ-साथ बच्चों के माता-पिता के साथ भी बात करनी पड़ती है, ऐसे में आपके पास बेहतर संवाद करने की क्षमता होनी चाहिए, जिससे आप लोगों को बेहतर ढंग से अपनी बातों को समझा सकें।

इंटर कॉलेज में प्रिंसिपल बनने के लिए कितनी योग्यता होनी चाहिए?

यदि आप इंटर कॉलेज में प्रिंसिपल बनना चाहते हैं, तो आपको मास्टर डिग्री की आवश्यकता पड़ सकती है और आपको शिक्षा के क्षेत्र में अनुभव की भी आवश्यकता पड़ेगी, जिससे आप प्रिंसिपल बनकर अपने अनुभव को अध्यापकों तथा छात्रों के साथ साझा कर सकते हैं।

इसके अलावा प्रिंसिपल बनने के लिए आपके पास लीडरशिप कौशल होना चाहिए, जिससे आप विभिन्न स्तर पर शिक्षा समुदाय के लोगों को प्रेरित कर सकें और अपने कौशल के द्वारा लोगों से सही ढंग से संवाद कर सके।

कुछ परिस्थितियों में आपसे प्रिंसिपल बनने के लिए ट्रेनिंग सर्टिफिकेट भी मांगा जाता है, इसलिए आपको किसी भी सरकारी मान्यता प्राप्त इंस्टीट्यूट से डिप्लोमा करना चाहिए, जिससे आपको शिक्षा के क्षेत्र में अनुभव हासिल हो सके, इसके अलावा आप M.Ed की डिग्री भी हासिल कर सकते है।

प्रधानाचार्य की भर्ती कैसे होती है?

प्रधानाचार्य की भर्ती की प्रक्रिया अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग हो सकती है तथा कई बार स्थानीय क्षेत्र की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए भी प्रधानाचार्य की भर्ती की जाती है।

सरकारी भर्ती की प्रक्रिया के बारे में जानकारी पाने के लिए आप अपने राज्य की शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर जा सकते हैं, जहां पर आपको प्रिंसिपल बनने के लिए आवश्यक दस्तावेज तथा आवेदन करने की तारीख के बारे में जानकारी हो जाएगी, इसके अलावा आप प्रधानाचार्य पद के लिए आवेदन करने के लिए आवश्यक योग्यताओं के बारे में भी जान सकते हैं।

यदि आप किसी प्राइवेट स्कूल में प्रिंसिपल बनना चाहते हैं, तो वहां पर आपके योग्यता के आधार पर आपका साक्षात्कार किया जाता है और यदि आप साक्षात्कार को पास कर लेते हैं, तो आपका सिलेक्शन हो जाता है।

प्रिंसिपल की सैलरी कितनी होती है?

ऐसे लोग जो केंद्रीय विद्यालय में प्रिंसिपल के पद पर कार्य करते हैं, उनकी सैलरी केंद्र सरकार के 12 वे पे – लेवल पर आधारित होती है, जिसमें उनको ₹78800 से लेकर 2,09,2000 रुपए मासिक वेतन दिया जा सकता है।

इसके अलावा जो लोग केंद्रीय विद्यालय में प्रिंसिपल के पद पर कार्य रहते हैं, उनको 7% की दर से डीए मिलता है, इसके अलावा केंद्र सरकार उनको बहुत सारे अलग से सुविधा भी देती हैं, जिससे महीने में उन्हें अच्छी सैलरी मिल जाती है।

यदि आप प्राइवेट कॉलेज में प्रिंसिपल के पद पर काम करते हैं, तो वहां पर आपके योग्यता के आधार पर आपकी सैलरी निर्धारित होती है, जोकि केंद्रीय विद्यालय में काम करने वाले प्रधानाचार्य से कम होती है, लेकिन फिर भी आपको एक अध्यापक की अपेक्षा अच्छी सैलरी मिलती है।

प्रिंसिपल को क्या कार्य करना होता है?

यदि आप प्रिंसिपल बनने के लिए इच्छुक है, तो आपको प्रिंसिपल के कार्यों के बारे में जानकारी होनी चाहिए, तो आइए अब प्रिंसिपल के कुछ प्रमुख कार्यों के बारे में जानते हैं।

#1. प्रशासनिक कार्यों को करना

प्रिंसिपल को अपने स्कूल में प्रशासनिक कार्यों की देखरेख करना होता है, जिसमें पाठ्यक्रम तैयार करने से लेकर कक्षा का संचालन करना आदि शामिल है, इसके अलावा प्रिंसिपल को अपने स्कूल अथवा कॉलेज के भवन के निर्माण की व्यवस्था भी देखनी पड़ती है तथा आवश्यकता पड़ने पर उसकी मरम्मत भी करवानी पड़ती है।

#2. निरीक्षण संबंधी कार्य करना

प्रधानाचार्य को अपने स्कूल का निरीक्षण करना होता है, जिसमें बच्चों के खेलकूद की व्यवस्था करने से लेकर उन्हें प्रैक्टिकल करने के लिए लैब उपलब्ध करवाना तथा पढ़ने के लिए लाइब्रेरी में सभी किताबें उपलब्ध कराना आदि चीजें शामिल होती हैं और यह सभी चीजें प्रिंसिपल के निगरानी में होती हैं।

#3. अध्यापन संबंधी कार्य

प्रधानाचार्य के पास इतना समय नहीं होता है, कि वह सभी अध्यापकों की तरह समस्त कक्षाओं में पढ़ा सके, लेकिन प्रिंसिपल को किसी न किसी विषय को अवश्य पढ़ना चाहिए, जिससे वह अन्य शिक्षकों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकते हैं और विद्यार्थियों के साथ भी अपना तालमेल बैठा सकते हैं।

#4. अनुशासन को बनाए रखना

किसी भी स्कूल अथवा कॉलेज को अच्छे ढंग से चलाए रखने के लिए अनुशासन बनाए रखना आवश्यक होता है, इसीलिए प्रिंसिपल का कर्तव्य होता है, कि वह अपने स्कूल में अनुशासन बनाकर रखें तथा यदि कोई छात्र नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसे समझाने का प्रयास करें अथवा आवश्यकता पड़ने पर उसे उचित दण्ड दें, जिससे स्कूल अथवा कॉलेज की मर्यादा बनी रहे।

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FAQS – प्रिंसिपल बनने से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण सवाल जवाब

आइए अब प्रिंसिपल बनने से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण सवाल जवाब के बारे में जानते हैं।

#1. प्रिंसिपल के लिए क्या योग्यता होनी चाहिए?

प्रिंसिपल बनने के लिए आपको सर्वप्रथम ग्रेजुएशन की डिग्री लेनी होगी, उसके पश्चात आपको NCTE द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान से B.Ed करना होगा और अपने राज्य में टेट की परीक्षा को क्वालीफाई करना होगा, उसके पश्चात आप कुछ सालों तक शिक्षक के पद पर कार्य करके प्रिंसिपल बनने के योग्य हो जाएंगे।

#2. स्कूल में प्रिंसिपल का क्या काम होता है?

स्कूल में प्रिंसिपल का कार्य अपने स्कूल में अनुशासन को बनाए रखना होता है तथा प्रशासनिक कार्यों से जुड़े हुए कामों को देखना होता है, इसके अलावा वह बेहतर शिक्षा देने के लिए अपने अध्यापकों को प्रेरित करने का भी काम करते हैं।

#3. प्रिंसिपल और हेड मास्टर में क्या अंतर होता है?

प्रिंसिपल और हेड मास्टर दोनों प्रशासनिक कार्यों को ही देखते हैं, लेकिन इन दोनों के कार्य में थोड़ा अंतर होता है, प्रिंसिपल किसी स्कूल अथवा कॉलेज का प्रमुख होते हैं और वह अपने स्कूल का संचालन करते हैं, जबकि हेड मास्टर प्राथमिक अथवा माध्यमिक स्कूलों का संचालन करते हैं।

#4. प्रिंसिपल के ऊपर कौन होता है?

प्रिंसिपल के ऊपर उस स्कूल अथवा कॉलेज के डायरेक्टर होते हैं, जो एक संगठन के रूप में निर्णय लेते हैं, उसके पश्चात वह संगठन में लिए गए निर्णय के बारे में प्रिंसिपल को जानकारी देते हैं।

#5. महिला प्रिंसिपल को हिंदी में क्या कहते हैं?

महिला प्रिंसिपल को हिंदी में प्रधानाध्यापिका अथवा महिला मुख्याध्यापिका कहते हैं।

निष्कर्ष – प्रिंसिपल बनने के लिए क्या करना चाहिए?

दोस्तों इस आर्टिकल के माध्यम से हमने आपको प्रिंसिपल क्या होता है तथा प्रिंसिपल बनने के लिए आपको किन योग्यताओं को पूरा करना होगा, इसके बारे में जानकारी दी है।

इसके अलावा हमने आपको प्रधानाचार्य की भर्ती की प्रक्रिया के बारे में भी बताया है तथा प्रधानाचार्य बनने पर आपको कितनी सैलरी मिल सकती है, इसके बारे में भी इस आर्टिकल में जानकारी दी है।

वैसे तो प्रिंसिपल बनने के लिए बहुत सारे विद्यालयों में पीएचडी की डिग्री आवश्यक होती है, लेकिन डिग्री के साथ-साथ आपके अंदर योग्यता भी होनी चाहिए तथा सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल बनने के लिए सभी अध्यापकों के बीच आपकी छवि अच्छी होनी चाहिए।

आशा करते हैं, आपको इस आर्टिकल में बताई गई जानकारी पसंद आई होगी और आपको प्रधानाचार्य बनने से संबंधित पूरी जानकारी मिली होगी।

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