एसडीएम को मिलने वाली सुविधाएं (SDM Ko Milne Wali Suvidhaye)

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एसडीएम को मिलने वाली सुविधाएं (SDM ko milne wali suvidhaye) | एसडीएम के पास कौनकौन सी पावर होती है | एसडीएम के पास प्राप्त अधिकार कौनकौन से हैं | एसडीएम को सैलरी कितनी मिलती है | एसडीएम क्या होता है | एसडीएम की पावर क्या होती है | एसडीएम से बड़ा अधिकारी कौन होता है | एसडीएम कितने जिलों का मालिक होता है | एसडीएम की नियुक्ति कौन करता है | sdm के नियुक्त होने की प्रक्रिया क्या है आदि जैसे प्रश्नों के उत्तर आज के इस आर्टिकल में हम जानेंगे हमारे आर्टिकल में अंत तक बन रहे।

सब डिविजनल मजिस्ट्रेट यानी sdm, किसी भी जिले में जिलाधिकारी यानी डीएम के बाद दूसरे नंबर का उच्च अधिकारी का पद होता है इसलिए इस पद की ओर छात्रों की जिज्ञासा होना जाहिर सी बात है।

ऐसे बहुत से छात्र होते हैं, जो भविष्य में एक एसडीएम के तौर पर काम करना चाहते हैं एसडीएम के तौर पर काम करने की चाह रखने वाले छात्रों के मन में मुख्य रूप से यह सवाल आते रहते हैं, कि एसडीएम बनने के बाद उनकी सैलरी क्या होगी या उन्हें कौन-कौन सी सुविधा मिलेगी?

आज के इस आर्टिकल में हम मुख्य रूप से sdm को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानने वाले हैं।

किसी भी क्षेत्र में एक एसडीएम को कौन-कौन सी सुविधाएं मिलती है | एसडीएम की पावर क्या होती है आदि जैसी कई प्रकार के प्रश्न जो एसडीएम से संबंधित है उसके बारे में हम आज के इस आर्टिकल में विस्तार पूर्वक जानेंगे।

एसडीएम को मिलने वाली सुविधाएं (SDM Ko Milne Wali Suvidhaye)
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एसडीएम को मिलने वाली सुविधाएं (Sdm Ko Milne Wali Suvidhaye)

सब डिविजनल मजिस्ट्रेट यानी sdm सैलरी के अलावा सरकारी आवास अलाउंस, सुरक्षा कर्मी या घरेलू नौकर रखने हेतु अलाउंस, सरकार से वाहन के लिए खर्च, टेलीफोन कनेक्शन खर्च, मुफ्त बिजली का खर्च, राज्य में आधिकारिक यात्राओं के दौरान आवास मिलता है, उच्च अध्ययन के लिए छुट्टी, पेंशन आदि जैसे अन्य बहुत सारी सुविधाएं एसडीएम को मिलती है।

हालांकि अलग-अलग राज्यों में एक एसडीएम की सैलरी के अनुसार उनकी सुविधाओं में अंतर हो सकता है।

अर्थात कई राज्यों में एसडीएम की सैलरी और सुविधाएं कम होती है तो कहीं ज्यादा यह राज्य पर निर्भर करता है कि राज्य के एसडीएम की सैलरी और सुविधाएं कितनी होगी।

एसडीएम को कितनी सैलरी मिलती है?

अगर एसडीएम की सैलरी की बात की जाए तो एसडीएम की बेसिक सैलरी 56,100 से 1,77,500 रुपये औसतन होती है इसके अलावा भी अन्य बहुत सारी सुविधा एक एसडीएम ऑफिसर को मिलती है।

किसी भी क्षेत्र में एसडीएम ऑफिसर की सैलरी समय के साथ बढ़ते जाती है जैसे-जैसे काम के प्रति एक एसडीएम ऑफिसर को एक्सपीरियंस होगा उनकी सैलरी में भी बढ़ोतरी आएगी।

लेकिन सभी राज्यों के अनुसार भी एसडीएम ऑफिसर की सैलरी में अंतर होता है, इसलिए यह कहना बिल्कुल गलत होगा कि एसडीएम ऑफिसर को सभी राज्यों में समान सैलरी मिलती है।

लेकिन हमने एक औसतन राशि आपको बताई है जिसके द्वारा आप अनुमान लगा सकते हैं कि एक एसडीएम को कितनी सैलरी मिल सकती है।

सैलरी के अलावा अन्य सुविधाओं की बात की जाए तो एक एसडीएम ऑफिसर को अन्य सुविधाओं के बदले भी पैसे मिलते हैं।

तो चलिए अब हम एसडीएम को मिलने वाले सैलरी एवं अन्य सुविधाओं के बदले मिलने वाली सैलरी के बारे में एक सारणी के द्वारा समझते हैं।

SalaryAmount
Pay Level salary10-18
Pay Band salary15600 to 39100
Grade Pay salary5400 rs
Pay Scale salary₹56,100 – 1,77,500
Basic Salary₹ 56,100
Maximum Salary            ₹1,77,500
Dearness Allowance (DA) salary₹ 21318 (38% Basic Pay)
House Rent Allowance (HRA) salary₹4488 – 15147 (8% – 27% Basic Pay salary )
Transport Allowance (TA) Salary₹7200 to ₹10000
Starting Hand Salary₹88085 per month (Approx)

एसडीएम के पास कौन-कौन सी पावर होती है?

किसी भी क्षेत्र के एसडीएम के पास कई तरह के पावर होते हैं जिनका उपयोग वह समाज के सदुपयोग के लिए करता है।

तो चलिए अब हम कुछ बिंदुओं के द्वारा जानते हैं कि एसडीएम के पास कौन-कौन सी पावर होती है जिसका उपयोग करके वह समाज की भलाई कर सकता है।

  • सभी प्रकार के राजस्व मामले में  कलेक्टर की सहायता करना एक एसडीएम अधिकारी का कर्तव्य होता है सहायता हेतु वह किसी भी प्रकार का निर्णय का सुझाव कलेक्टर को दे सकता है।
  • अगर एसडीएम के पावर की बात की जाए तो एक एसडीएम की पावर एक डिप्टी कमिश्नर के बराबर ही होती है, हालांकि पावर डिप्टी कमिश्नर के बराबर है, यह सिर्फ विकास के कार्यों में ही लागू होती है।
  • इनके पास कुछ विशिष्ट मामलों में कार्यवाही करने का पावर होता है, अगर इन्हें किसी मामले में संदेह होती है तो वह निरीक्षण या जांच करके उस मामले पर निर्णय ले सकता है।
  • किसी भी राज्य के एसडीएम के पास पुलिस विभाग से किसी भी प्रकार की जानकारी या फिर अपराधी संबंधित सूचना प्राप्त करने का अधिकार है।
  • अपने स्थानीय प्रशासन को पूर्ण रूप से शांति में बनाने के लिए किसी भी राज्य का एसडीएम आज सामाजिक तत्वों को पूर्ण रूप से अपने क्षेत्र में बाध्य कर सकता है।
  • एसडीएम ग्रामीण क्षेत्र में किसी भी प्रकार के विकास संबंधित योजनाओं को चलाने के लिए पूर्ण रूप से जिम्मेदार होता है।
  • सहायक रिटर्निंग अधिकारी के रूप में लोकसभा चुनाव में एसडीएम की भूमिका होती है।

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एसडीएम की जिम्मेदारियां क्या है?

किसी भी राज्य के एसडीएम के पास प्रमुख रूप से निम्न प्रकार की जिम्मेदारियां होती है जिसे हम कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं के द्वारा जानते हैं।

  • राज्य में होने वाले सभी प्रशासनिक एवं न्यायिक कार्य के लिए राज्य का एसडीएम जिम्मेदार होता है।
  • सभी प्रकार के होने वाले क्षेत्रीय विवाद एवं समस्याएं जो भी एक राज्य में प्रशासनिक अधिकारी के अंतर्गत आता है उन सभी का निपटारा करना अधिकारी की जिम्मेदारी है।
  • राजस्व कार्यो में भूमि का रखरखाव आदि जैसी जिम्मेदारियां को भी निभाना एक एसडीएम अधिकारी की जिम्मेदारियां होती है।
  • सही तरीके से राजस्व मामले का संचालन हो इसकी जिम्मेदारी भी एक एसडीएम अधिकारी की ही होती है।
  • सीमांकन और अतिक्रमण आदि जैसे कार्य को रोकना या फिर इसका निपटारा करना भी एक एसडीएम अधिकारी का काम है।
  • जो भी सार्वजनिक भूमि की सुरक्षा एवं पंजीकरण से जुड़ी जो भी जिम्मेदारियां होती है वह सभी एक एसडीएम अधिकारी की होती है।
  • आपराधिक प्रक्रिया संहिता 1973 के अंतर्गत आने वाले विभिन्न प्रकार के न्यायिक कार्यों के लिए एक एसडीएम जिम्मेदार होता है।
  • केवल इतना ही नहीं विभिन्न प्रकार की भूमि एवं लाइसेंस आदि का नवीनकरण एवं रजिस्ट्रेशन करना भी एक एसडीएम अधिकारी की जिम्मेदारी होती है।
  • विवाह पंजीकरण, ओबीसी, एससी / एसटी और जन्म एवं निवास प्रमाण पत्र आदि जैसे प्रमाण पत्र लोगों को जारी करना एक एसडीएम अधिकारी का काम होता है।
  • राज्य में होने वाले विधानसभा एवं लोकसभा चुनाव के लिए सदस्यों का चुनाव करना भी एक एसडीएम अधिकारी की जिम्मेदारी होती है।
  • उपमंडल यानी अनुमंडल में होने वाले सभी विकास कार्यों की जिम्मेदारी एसडीएम की होती है।
  • सभी क्षेत्र के विभिन्न विभाग के अन्य अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी भी एक एसडीएम ऑफिसर की ही होती है।
  • स्थानीय जनता और सरकार के बीच संपर्क बनाए रखना एक एसडीएम की जिम्मेदारी होती है, आसान शब्दों में कहा जाए तो जनता राज्य सरकार से अपने हक हेतु जो भी विकास चाहती हो उसके लिए वह एक एसडीएम के सामने अपनी अपील रख सकती है।
  • राजस्व व्यवस्था और कानून व्यवस्था की निगरानी करने के लिए भी एक एसडीएम जिम्मेदार होता है।

हमारे द्वारा बताई सभी जिम्मेदारियां एक एसडीएम अधिकारी की होती है चाहे वह किसी भी राज्य में कार्यरत हो, उन्हें इन सभी जिम्मेदारियां को पूर्ण करना आवश्यक होता है।

एसडीएम से बड़ा अधिकारी कौन होता है | एसडीएम और डीएम में क्या अंतर है?

किसी भी क्षेत्र में एसडीएम से बड़ा अधिकारी डीएम होता है राज्य प्रशासनिक सेवा में जिला स्तर पर सबसे बड़ा अधिकारी डीएम होता है।

एसडीएम अनुमंडल स्तर पर सबसे बड़ा अधिकारी कहा जाता है और डीएम जिला स्तर पर सबसे बड़ा और मुख्य अधिकारी है।

जबकि डीएम और एसडीएम दोनों की भूमिकाएं क्षेत्र को लेकर समान है लेकिन डीएम जिला स्तर पर कार्य करता है और एसडीएम अनुमंडल स्तर पर कार्य करता है।

जिस प्रकार कोई उम्मीदवार एसडीएम के पद पर राज्य संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास करके एसडीएम के पद पर काम करता है।

ठीक उसी प्रकार एक डीएम आईएएस की परीक्षा यानी यूपीएससी की परीक्षा जो कि संघ लोक सेवा आयोग के द्वारा पूरे भारत में आयोजित की जाती है, उस परीक्षा को पास करके डीएम के पद पर कार्यरत होता है।

अर्थात डीएम उच्च अधिकारी पद और एसडीएम उससे नीचे का पद है डीएम के ऊपर पूरे जिले की जिम्मेदारी होती है और एसडीएम के ऊपर पूरे अनुमंडल की जिम्मेदारी होती हैं।

अब तक आप समझ गए होंगे कि एसडीएम से बड़ा अधिकारी डीएम होता है और एसडीएम और डीएम की अपनी क्या भूमिका है?

Also Read: एसडीएम और डिप्टी कलेक्टर के बीच का अंतर – योग्यता और कार्यों की तुलना

एसडीएम कितने जिलों का मालिक होता है?

किसी भी जिले में एक से ज्यादा कई सारे एसडीएम हो सकते हैं, इसलिए एसडीएम को जिले का मालिक कहना सही नहीं होगा किसी भी जिले का मालिक उस जिले का डीएम होता है।

एसडीएम किसी जिले में किसी एक अनुमंडल का मालिक होता है, अर्थात अनुमंडल के अंतर्गत होने वाले सभी प्रकार के विकास जैसे कार्यों की जिम्मेदारी एक एसडीएम की होती है।

इसके अलावा भी अन्य कई सारी जिम्मेदारी अनुमंडल स्तर पर एक एसडीएम की होती है।

एसडीम कौन होता है?

जैसा कि अधिकतम लोगों का पता है किसी भी जिले में सबसे मुख्य अधिकारी वहां का डीएम होता है और अनुमंडल स्तर पर सबसे मुख्य अधिकारी एसडीएम होता है।

अर्थात एसडीएम का पद डीएम के पद से नीचे का पद है लेकिन इसकी शक्तिया अनुमंडल स्तर पर बिल्कुल एक डीएम के समान ही है।

एसडीएम के पास बहुत ही जिम्मेदारी वाला पद होता है, SDM के पद पर भर्ती हर साल राज्य के संघ लोक सेवा आयोग के द्वारा जारी की जाती है।

Sdm यानी sab divisional magistrate इस पद पर काम करने के लिए किसी भी उम्मीदवार को राज्य स्तर पर लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास करनी होती है।

एसडीएम की नियुक्ति कौन करता है?

किसी भी क्षेत्र में एसडीएम की नियुक्ति संघ राज्य का लोक सेवा आयोग करती है अर्थात हर साल राज्य के लोक सेवा आयोग के द्वारा एसडीम के पद पर भर्ती हेतु परीक्षा आयोजित की जाती है।

जो भी उम्मीदवार राज्य संघ लोक सेवा आयोग की एसडीएम के लिए होने वाली परीक्षा यानी पीसीएस की परीक्षा के सभी चरणों में अच्छे रैंक से पास होता है उसे ही एसडीएम के पद पर नियुक्ति मिलती है।

एसडीएम कैसे बने?

जो भी उम्मीदवार एसडीएम बनना चाहते हैं उन्हें एसडीएम बनने के लिए निम्न प्रक्रियाओं को पूरा करना होता है।

  • सबसे पहले आपको हर साल होने वाली राज्य संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा के लिए आवेदन करना होता है।
  • आवेदन करने के उपरांत पीसीएस की परीक्षा में आपको शामिल होना होता है।
  • वैसे तो आप एसडीएम बनने के लिए, दो तरह की परीक्षाओं को देकर एसडीम बन सकते हैं पहला राज्य संघ लोक सेवा आयोग के द्वारा पीसीएस की परीक्षा देकर और दूसरा संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास करके।
  • आप दोनों में से जिस भी परीक्षा के माध्यम से एसडीएम अधिकारी बनना चाहते हैं उस परीक्षा को देकर आप एसडीएम अधिकारी बन सकते हैं।
  • एसडीएम अधिकारी बनने के लिए होने वाली परीक्षा तीन चरण में आयोजित होती है।
  • प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार जो भी छात्र इन तीनों परीक्षाओं में सफल होते हैं वहीं छात्र एक एसडीएम अधिकारी बन सकते हैं।
  • सफल होने के बाद इंटरव्यू में लाए  अंकों के आधार पर जो मेरिट लिस्ट तैयार होता है उसके आधार पर एक एसडीएम अधिकारी का चुनाव होता है।

इस प्रकार की निम्न प्रक्रियाओं को अपनाकर आप एक एसडीएम अधिकारी बन सकते हैं लेकिन ऐसे में अधिकारी बनने के लिए कुछ योग्यताएं भी निर्धारित होती है।

तो चलिए अब हम जानते हैं एसडीएम अधिकारी बनने के लिए कौन-कौन सी योग्यताएं जरूरी होती है।

एसडीएम बनने के लिए योग्यताएं कौन-कौन सी होती है?

किसी भी उम्मीदवार के लिए एसडीएम बनने के लिए कुछ महत्वपूर्ण योग्यताएं निर्धारित होती हैं तो चलिए हम  कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं के द्वारा एसडीएम बनने के लिए कौन-कौन सी योग्यताएं हैं इसे जानते हैं।

  • क्षेत्र के एसडीएम अधिकारी बनने के लिए उम्मीदवारों को सबसे पहले ग्रेजुएशन पास होना होता है।
  • ग्रेजुएशन में उम्मीदवारों को कम से कम 55% अंक होने ही चाहिए।
  • इसके अलावा जो भी आरक्षित श्रेणी की उम्मीदवार है उन्हें ग्रेजुएशन में कम से कम 50% अंक लाने चाहिए।
  • एसडीएम बनने के लिए ग्रेजुएशन के अंतिम वर्ष में भी अगर कोई विद्यार्थी पढ़ाई कर रहा है तो वह भी आवेदन कर सकता है।
  • किसी भी क्षेत्र के एसडीएम अधिकारी बनने के लिए उम्मीदवार की उम्र 21 वर्ष होनी चाहिए।
  • अधिकतम उम्र श्रेणी में आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को छूट मिलती है सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए अधिकतम उम्र 40 वर्ष निर्धारित की गई है।
  • सबसे महत्वपूर्ण बात एसडीएम बनने के लिए किसी भी उम्मीदवार को भारत का नागरिक होना आवश्यक है।

FAQs – एसडीएम को मिलने वाली सुविधाएं क्या होती है? इससे जुड़े कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न

एसडीएम को मिलने वाले सुविधाओं के बारे में तो अब तक हमने जाना, अब हम एसडीएम को मिलने वाले सुविधाओं से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण प्रश्नों को जानते हैं, हमारे द्वारा दिए गए प्रश्नों को जरूर पढ़ें।

#1. एसडीएम का प्रमोशन कैसे होता है?

उम्मीदवारों को एसडीएम के पद पर कुछ साल कम करने के बाद उन्हें प्रमोशन मिल जाता है और वह प्रमोट होकर सिटी मजिस्ट्रेट बन जाते हैं सिटी मजिस्ट्रेट बनकर कुछ साल काम करने के बाद दोबारा प्रमोशन पाकर वह एडीपी के पद पर कार्यरत होते हैं।

इस प्रकार एक एसडीएम अधिकारी प्रमोशन पाते रहते हैं और नए पद पर कार्यरत होते रहते हैं।

#2. एसडीएम को कौन सस्पेंड कर सकता है?

किसी भी अनुमंडल के एसडीएम को राज्य के मुख्यमंत्री ही सस्पेंड कर सकते हैं, इसके अलावा अन्य किसी के पास जा सकती है नहीं है कि वह एसडीएम को उनके पद से बर्खास्त कर सके।

लेकिन मुख्यमंत्री भी अगर एसडीएम अधिकारी को सस्पेंड करते हैं तो उनके पास इसके लिए कोई ठोस कारण होना आवश्यक होता है, क्योंकि मुख्यमंत्री को एक एसडीएम ऑफिसर को सस्पेंड करने के बाद इससे जुड़ी रिपोर्ट controlling अथॉरिटी ऑफिसर्स को भेजनी होती है।

#3. पुलिस में सबसे ऊंचा पद कौन सा है?

डीजीपी का पद पुलिस की नौकरी में सबसे ऊंचा पद माना जाता है डीजेपी पद के अधिकारी तीन स्टार रैंक अधिकारी होते हैं।

#4. पुलिस में प्रमोशन कितने साल में होता है?

उम्मीदवारों को पुलिस की नौकरी में प्रमोशन होने में न्यूनतम 5 से 8 साल लग जाते हैं हालांकि कई बार प्रमोशन जल्दी भी हो जाता है और कई बार कुछ समय बाद भी होता है, यह डिपार्टमेंट पर निर्भर करता है।

Also Read: डीएम कितने जिले का मालिक होता है, कैसे बने (DM Kitne Jile Ka Malik Hota Hai) 2023

निष्कर्ष – एसडीएम को मिलने वाली सुविधाएं क्या है?

आज के इस आर्टिकल में मैंने आपको मुख्य रूप से बताया कि एसडीएम को मिलने वाली सुविधाएं क्या है | एसडीम कौन होता है | एसडीएम कितने जिलों का मालिक होता है | एसडीएम की नियुक्ति कौन करता है | एसडीएम बनने की प्रक्रिया क्या है?

एसडीएम के पास कौन-कौन सी पावर होती है | एसडीएम के पास कौन-कौन सी जिम्मेदारी है | एसडीएम से बड़ा अधिकारी कौन होता है | एसडीएम और डीएम में क्या अंतर है | एसडीएम को कितनी सैलरी मिलती है आदि जैसे कई महत्वपूर्ण प्रश्न के बारे में आज के इस आर्टिकल में मैंने आपको बताया है।

आशा करता हूं, मेरे द्वारा दी गई जानकारी आपको पसंद आई होगी अगर आपके पास इस आर्टिकल से जुड़े कोई भी प्रश्न हो तो कमेंट करके मुझसे अवश्य पूछे हमारे आर्टिकल में अंत तक बने रहने के लिए आपका धन्यवाद।

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